Self Help Groups (SHG) in Hindi | स्वयं सहायता समूह

Self Help Group in Hindi

Self Help Group in Hindi लेख सिविल सेवा मुख्य परिक्षा सामान्य अध्ययन -1 का टॉपिक है।

Self Help Group in Hindi या SHG in Hindi

Self Help Groups आमतौर पर 10 – 20 स्थानीय महिलाओं से बना होता है, यह अधिकांश भारत में है। लेकिन Self Help Groups अन्य देशों में विशेष रूप से दक्षिण एशिया और दक्षिण पूर्व एशिया में भी मौजूद हैं।

Self Help Groups की अवधारणा का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के आर्थिक विकास में सुधार करना और लिंग भेदभाव आदि को सामाजिक परिवर्तन के लिए पर्यावरण की सुरक्षा बनाना है।

Self Help Groups का गठन क्यों हुआ।

Self Help Groups का गठन और NGO आमतौर पर समर्पित हैं, SHG आर्थिक एवं सामाजिक दोनों तरह से मदद करता है। महिलाएं सामाजिक व सामुदायिक मुद्दों जैसे कि शराब, दहेज प्रणाली, स्कूल, पानी की आपूर्ति का समाधान करने के लिए कार्यवाही करती हैं।

ग्रामीण महिलाओं के बीच स्वयं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत सरकार महिलाओं को SHG के लिए 7% की सब्सिडी की दर से ऋण प्रदान करती है।

उदाहरण – बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एफिसिपुर शाखा जिले में 400 से ज्यादा स्वयं सहायता समूह का वित्तपोषण कर रही है, और लगभग 1600 डॉलर प्रीति समूह के लिए उधार दे रहा है।

स्वयं सहायता समूह की संकल्पना

एक सहायता समूह पंजीकृत या अपंजीकृत हो सकता है, यह छोटे उधमियों का एक समूह है। जो सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि को सुधारने का कार्य करता है, यह छोटे धनराशि को फंड के रूप में इखट्टा करते हैं फिर आवश्यकता पड़ने पर सामाजिक मदद में योगदान देते हैं।

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स्वयं सहायता समूह का लक्ष्य

  • Self Help Groups को गैर सरकारी संगठन NGO द्वारा शुरू किया जाता है, यह सामाजिक और आर्थिक सुधार के लिए कार्य करते हैं।
  • स्वयं सहायता समूह का उद्देश्य
  • महिलाओं को सशक्तिकरण द्वारा गांव के गरीबी उन्मूलन का लक्ष्य
  • महिलाओं को सशक्त बनाना
  • गरीब लोगों के बीच नेतृत्व क्षमता का विकास करना
  • स्कूली शिक्षा में योगदान
  • पोषण में सुधार
  • जन्म नियंत्रण
  • नाबार्ड की स्वयं सहायता समूह में भूमिका

कई स्वयं सहायता समूह भारत नाबार्ड की Self Help Groups Bank Linkage कार्यक्रम की तरह बैंकों से उधार लेते हैं, इस मॉडल ने अल्पसंख्यक सेवाओं को गरीब जनसंख्या तक पहुंचाने का एक संभावित कार्य किया है।

नाबार्ड का अनुमान है कि भारत में 2.2 मिलियन स्वयं सहायता समूह है, जो 33 मिलियन सदस्यों का प्रतिनिधित्व करते हैं। Self Help Groups Bank Linkage कार्यक्रम कुछ राज्य में शुरू किया गया है, जैसे – आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक।

Self Help Groups के माध्यम से वित्त पोषण का लाभ समूह के रूप में एक आर्थिक रूप से गरीबों को लाभ प्रदान करता है।

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