IAS Strategy : सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा : चुनौतियां एंव समाधान

 

मित्रों आज हम IAS Strategy Challenges and Solutions लेख के माध्यम से बताने जा रहे हैं, कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है और उनका समाधान क्या है।

IAS Strategy

सिविल सेवा परीक्षा का कोई Short Cut नहीं है, आपने बचपन में खरगोश और कछुए की कहानी को पढ़ा होगा। इस कहानी से सिद्ध होता है, कि जल्दबाजी से निराशा ही हाथ लगती है। अगर आपको सिविल सेवा परीक्षा में कामयाबी हासिल करनी है, तो आप को कछुए की चाल को अपनाना पड़ेगा। एक-दो दिन ज्यादा पढ़ने से कुछ नहीं होगा, चाहे मात्र 5 घंटे पढ़ो लेकिन रोज पढो।

IAS Strategy : प्रश्नों का स्तर

कुछ लोग कहते हैं, कि सिविल सेवा परीक्षा में पाठ्यक्रम से हटकर भी प्रश्न पूछे जाते हैं। तो यह बिल्कुल ही गलत है UPSC सदैव पाठ्यक्रम के अनुसार ही पेपर तैयार करता है। लेकिन हॉ हमें प्रश्नों के स्वरूप को समझने में कठिनाई होती है, प्रश्नों को देखकर आपको लगता है। कि यह पढ़ा तो था लेकिन याद नहीं आ रहा है, ऐसा क्यों होता है।

समाधान

सिविल सेवा परीक्षा में ज्यादा से ज्यादा पढ़ने से भी कोई फायदा नहीं है, ज्यादा से ज्यादा रटने में भी कोई फायदा नहीं है, अगर फायदा है तो सिर्फ ज्यादा से ज्यादा समझने में है। इन सवालों को समझने के लिए अनुभव एवं गहरे चिंतन की जरूरत है, अपना फोकस ज्यादा से ज्यादा पड़ने पर नहीं बल्कि ज्यादा से ज्यादा समझने पर करें।

IAS Strategy : प्रश्नों की प्रकृति

सिविल सेवा परीक्षा के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र देखने पर आपको लगा होगा कि शायद ही कोई ऐसा प्रश्न सरल तरीके से पूछा गया हो। अधिकतर सवाल टेढ़े-मेढ़े होते हैं, बल्कि कुछ प्रश्न तो भूल-भुलैया की तरह होते हैं UPSC उलझाने वाले प्रश्नों पर ही ज्यादा जोर देता है। क्योंकि यह देखता है कि आप इन उलझनों को कैसे Solve करते है। इसी वजह से सिविल सेवा परीक्षा में रटने से कोई फायदा नहीं मिलता, क्योंकि यह आपकी Mental Ability से जुड़े होते हैं।

समाधान

प्रश्नों की प्रकृति को समझने के लिए मूल तत्व ज्ञान की नहीं बल्कि मस्तिष्क की कार्यप्रणाली की आवश्यकता है। प्रश्नों को अच्छे से Cover करने का एक ही तरीका है, कि ऐसे प्रश्नों का निरंतर अभ्यास करना ताकि आपका दिमाग प्रश्नों की प्रकृति को ठीक से समझ सके।

IAS Strategy : समय सीमा

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सामान्य अध्ययन पेपर होता है, जिसमें 100 प्रश्न के लिए 2 घंटे का समय दिया जाता है। एवं कुछ घंटे के पश्चात ही CSAT का Paper होता है, जिसमें 80 प्रश्न होते हैं उसके लिए भी 2 घंटे का समय दिया जाता है।

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में लंबे-लंबे प्रश्न होते हैं और जिस तरह से उनकी बनावट होती है, उसको देख कर लगता है कि सिविल सेवा में समय की कमी है। अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा कि आखिर UPSC ऐसा करता क्यो है। UPSC आपके तीव्र सोचने की क्षमता को आंकने के लिए ऐसे प्रश्न बनाता है।

समाधान

इसी चुनौती की वजह से अक्सर सिविल सेवा परीक्षा में आजकल ज्यादातर फेल होते हैं, प्रश्नों को हल करने के लिए आपकी तीव्र सोच होनी चाहिए। आपका दिमाग प्रश्न को देखकर बनावट एंव प्रकृति को तीव्र गति से समझ सके, ऐसा अपने आप में दिमाग को विकसित करना होगा। तभी आप सिविल सेवा परिक्षा में सफलता हासिल कर सकते है।

 

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